Post · 11 Sep 2026
मुसाफिर कहीं का
मुसाफिर कहीं का कहीं पे खड़ाना आगे बड़ा वो ना पीछे हटा ।क्या दिल में है उसके उसे ना पताक्यों जग से हटा क्यों खुद से लड़ा । बड़ी गौर से देखें उसने सभीशायद ना किसी पर उसे आता यकीन ।हो खुद…
Notes, thoughts and posts from Shubham Rajput.
मुसाफिर कहीं का कहीं पे खड़ाना आगे बड़ा वो ना पीछे हटा ।क्या दिल में है उसके उसे ना पताक्यों जग से हटा क्यों खुद से लड़ा । बड़ी गौर से देखें उसने सभीशायद ना किसी पर उसे आता यकीन ।हो खुद…